भूत प्रेतों से जुड़े 5 रोचक तथ्य जान कर आप भी डर से कांप जाएंगे


भूत और आत्माओं को लेकर हर व्यक्ति के अपने अलग अलग तथ्य और विश्वास है. यहाँ तक कि विज्ञान भी भूतों के रहस्य पर से आज तक पर्दा नहीं उठा पाया है. लोगों के अनुसार जिस व्यक्ति की असमय मृत्यु हो जाती है या फिर वह किसी इच्छा के साथ बेमौत मर जाता है तो उसकी आत्मा तब तक भटकती रहती है जब तक उसकी अंतिम इच्छा पूरी ना की जाए. हालाँकि इस तथ्य में कितना सच है और कितना झूठ, इसके बारे में कोई कुछ साफ़ तौर पर नहीं कह पाया है. खैर यह बात तो थी भूतों से जुड़े किस्सों के बारे में. लेकिन आज के इस ख़ास लेख में हम आपको भूतों से जुड़े कुछ ऐसे डरावने और रोचक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें जान कर आप भी दंग रह जाएंगे.

रात में निकलते हैं भूत

भूत और आत्माएं अक्सर रात को देखि जाती हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि भूत आखिरकार दिनमे क्यों नाज़ नहीं आते? दरअसल भूतों के रात में दिखाई देने के पीछे एक धारणा है कि इन्हें दिन की रौशनी और शोर-शराबा बिलकुल नहीं भाता इसलिए यह दिन के समय बाहर निकलने से डरते हैं. लेकिन रात में कम रौशनी और अधिक शांति रहती है जिससे वह अपनी शक्तियों से किसी पर भी हावी हो सकते हैं.

इन लोगों को दिखते हैं भूत

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार भूत बेहद कम लोगों को ही नजर आते हैं. जिन लोगों के ग्रह एवं नक्षत्र कमजोर होते हैं या फिर जिनमे कोई शक्ति या अलग खासियत होती है, केवल वही लोग इनके होने का अनुभव कर सकते हैं. यहाँ ख़ास शब्द से हमारा मतलब छठी इंद्री से है.

ऐसे लोग बनते हैं भूत

ज्योतिष शास्त्र में लिखा है कि जो व्यक्ति भूख, प्यास, द्वेष, लोभ, कामवासना, आदि जैसी इच्छाएं लेकर मरते हैं, वह मरने के बाद भूत या आत्मा बन कर रह जाते हैं. ऐसे लोगों की आत्मा को कभी शांति नहीं मिलती और यह आजीवन भटकते रहते हैं. लेकिन यदि मरने के बाद मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार रीति रिवाजों के साथ किया जाए और फिर उनका श्राद्ध तर्पण आदि किया जाए तो उनकी आत्मा को शांति दिलवाई जा सकती है.

पुरुष का भूत

हिंदू धर्म अनुसार हर व्यक्ति को उसके कर्मों और गति के अनुसार मरने पर विभाजित किया जाता है. इन्हें मुख्य रूप से भूत, प्रेत, पिशाच, कुष्मांडा, ब्रह्मराक्षस, वेताल और क्षेत्रपाल आदि में बांटा गया है. आयुर्वेद ग्रंथ के अनुसार भूत प्रेत कुल 18 प्रकार के होते हैं. ऐसे में हर पुरुष मरने के बाद सर्वप्रथम भूत ही बनता है.

स्त्री का भूत

मर्दों के विपरीत यदि कोई नवयुवती मरती है तो वह चुड़ैल का रूप धारण कर लेती है. वहीँ दूसरी और यदि कोई कुंवरी लड़की मरती है तो वह देवी बन जाती है. इसके इलावा यदि कोई बुरी स्त्री मरती है तो वह डायन या डाकिनी बनती है. हर स्त्री अपने पापों और पुण्यों के चलते डायन या देवी बनती है.

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