Lunar Eclipse 2020 Date, Timings in India: चंद्र को ग्रहण, जानिए चंद्रग्रहण का सही समय, क्या बरतें सावधानी


Chandra Grahan 2020 चंद्र ग्रहण के कारण प्रायः एक महीने के अंदर कई अति नाटकीय घटनाएं घटित हो सकती हैं. जिसमें जीवन साथी, मित्र, किसी संबंधी या जन-असंतोष या छात्र आंदोलन आदि घटनाएं शामिल हो सकती हैं. जब बाह्य घटनाएं नहीं होती हैं तो व्यक्ति के मानसिक स्तर पर अचानक से असंतोष या व्यग्रता की घटनाएं उत्पन्न हो सकती हैं. ये घटनाएं प्रायः चंद्र ग्रहण से एक-दो-दिन पहले या बाद में घटित होती हैं. चूंकि इस बार का ये चंद्र ग्रहण 26 दिसंबर में हुए सूर्य ग्रहण की अगली कड़ी है तो 5-6 जनवरी को जेएनयू में छात्रों पर हुई हमले को भी इसकी कड़ी में शामिल कर सकते हैं. चूंकि ग्रहण 25 अंश पर हो रहा है इसलिए प्राथमिक रूप से उक्त अंश के 5 अंश आगे-पीछे मिथुन और धनु में लग्न या राशि या किसी अहम् ग्रह वाले लोगों प्रभावित होंगे. इसलिए इस दौर में ऐसे लोगों को बेहद शांति बना कर रखना चाहिए.

चंद्र ग्रहण के समय सातवें भाव धनु राशि में पांच ग्रह रहेंगे जबकि सूर्य ग्रहण के समय चंद्र भी वहां था. इसलिए उपरोक्त ग्रहों से संबंधित व्यक्ति या देश भी इस ग्रहण का असर महसूस कर सकते हैं. मिथुन के जातकों को इस समय अपने प्रतिपक्ष की बातों पर ध्यान देना चाहिए और केवल अपने पक्ष की बातों पर अडिग रहने से बचना चाहिए. इसके अलावा 25 अंश के आसपास तुला और कुंभ के जातक को भी कुछ मानसिक विचलन महसूस हो सकता है. इसके अतिरिक्त जिन लोगों का जन्म दिन ग्रहण से एक दिन आगे-पीछे हो उन्हें भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

कहते हैं कि ग्रहण के आसपास किसी बात पर प्रतिक्रिया करने से बचना चाहिए क्योंकि ग्रहण के कारण हमारे पास पूरी जानकारी नहीं हो सकती है. फलतः हम जानकारी के अभाव में गलत दिशा में बढ़ सकते हैं. इस ग्रहण के समय एक और विशेष ग्रहीय स्थिति बनी हुई है जिसका असर भी चंद्र ग्रहण के प्रभावों में शामिल होगा. धनु में सूर्य के आगमन के साथ सूर्य-शनि का योग बना हुआ है जो 15 जनवरी तक बना रहेगा. इसे बाप-बेटे के बीच विरोध की स्थिति बताते हैं इसलिए भी सरकार और आम लोगों के बीच संघर्ष होगा और सरकारों के खिलाफ आम लोगों का विरोध उफान पर हो सकता है. इसलिए इस समय सरकारों को संयमित रूप से अपने कदम उठाने चाहिए अन्यथा जबरदस्त विरोध हो सकता है. हालांकि जिन कुंडलियों में दशा-भुक्ति सहायक हों उनके लिए ये चंद्र ग्रहण अच्छी खबर भी ले आ सकता है. पुनश्च: चूंकि ग्रहण में सूर्य और चंद्र और नोड की विशेष भूमिका होती है इसलिए कर्क और सिंह राशि के जातकों को हमेशा ग्रहण के समय सावधान रहना चाहिए. जिन लोगों की बुध या गुरु, राहु या केतु या सूर्य या चंद्र कि दशा-भुक्ति चल रही हो वे भी शांति से समय गुजारें तो बाह्य घटनाओं से मुक्ति हो सकती है. चंद्र ग्रहण 10 जनवरी को हो रहा है.

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