शनि की सबसे बड़ा राशि परिवर्तन, ज्योर्तिविद कालज्ञ पं. संजय शर्मा की भविष्यवाणी


ज्योर्तिविद कालज्ञ पं. संजय शर्मा
9893129882 , 9424828545 (Paytm , PhonePe)
ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्ष , रत्न विशेषज्ञ , प्रेरक (मोटीवेटर) ,
कलर थेरेपिस्ट एवं औरा रीडर

11, न्यू एम.आई.जी. मुखर्जी नगर
एम.आर. 8, टेलीफोन ऑफिस के सामने
देवास म.प्र. 455001

शनैश्चर की शरीर.कांति इन्द्रनीलमणी के समान है इनके सिर पर स्वर्ण मुकुट गले में स्वर्ण माला तथा शरीर पर नीले रंग के वस्त्र सुशोभित है । हाथों में क्रमशः धनुष बाणएत्रिशूल और वरमुद्रा धारण करते है । शनि देव सूर्य तथा छाया ;संवर्णाद्ध के पुत्र है ये क्रूर ग्रह माने जाते है । इनकी दृष्टि में जो क्रूरता है वह इनकी पत्नि के शाप के करण है उनकी पत्नि ने उन्हे शाप दिया था कि तुम जिसे देख लोगे वह नष्ट हो जायेगा इसी कारण शनिदेव नीची गरदन करके रहने लगे ताकि उनके द्वारा किसी का अनिष्ट न हो ।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि शनि ग्रह रोहिणी.शकट भेदन कर दे तो 12 वर्ष तक घोर दुर्भिक्ष पड जाता है महाराजा दशरथ को दिये वरदान के अनुसार शनि ने कभी रोहिणी.शकट भेदन नही किया।
शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए श्री हनुमानजी महाराज की उपासना करनी चाहिये शनिदेव ने हनुमान जी को वरदान दिया था कि जो भी आपकी उपासना करेगा मेरी कृपा उस पर बनी रहेगी

 

हनुमान जी के आशीर्वाद से सभी बिगड़े काम चुटकी में पूरे हो जाते हैं। कहा जाता हैं कि हनुमान जी कलयुग में भी विद्यमान है। श्रीराम कथा और सुंदर कांड के पाठ में भक्त हनुमान जी की उपस्थित हमेशा महसूस करते हैं। हनुमान जी का आशीर्वाद मिल गया तो समझो सारे काम बन गए। इनको महावीरए रूद्रवतारए पवन पुत्रए अंजनी पुत्र आदि नामों से जाना जाता हैं। सर्वशक्तिमान श्रीराम भक्त हनुमान हमेशा अपने भक्तों पर आशीर्वाद बनाए रखते हैं। इनकी पूजा से काले जादूए आर्थिकए स्वास्थ्यए नकारात्मक ऊर्जाए अध्ययन और डर संबंधी समस्याओं से निजात मिलती है। पढिए कुछ आसान टोटके
1ण् यदि शनि कोई समस्या खड़ी करते हैं और सभी पूजा.पाठ के बाद कोई समाधान नहीं निकलता को शनिवार को हनुमान को चोला चढ़ाए। इसके साथ ही सिंदूर और चमेली का तेल चढ़कार हनुमान चालीसा या हनुमान जी के अन्य मंत्रों का जाप करें और तिल के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद काले चने और गुड़ के साथ नारियल चढ़ाने के बाद शनि बाधा से बचने के लिए हनुमान के 108 नामों का स्मरण करें। निश्चय आपकी लाईफ में अच्छे बदलाव आएंगे।
2ण् अगर मंगल ग्रह आपके जीवन में स्वास्थ्य समस्या खड़ी करता हैं और आप इस समस्या से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं तो मंगलवार को हनुमान जी को चोला के साथ चमेली का तेलए सिंदूर और चने के साथ सूरजमूखी के फूल चढ़ाएं। इसके बाद में 9 पीपल की पत्तियां लेकर चंदन की लकड़ी से उन पर श्रीराम लिखकर हनुमान का चढाएं और बाद में हनुमान के 108 चक्कर लगाकर प्रार्थना करें। आपके बिगड़ सारे काम चुटकी में बन जाएंगे।
3ण् अगर डर आपका पीछा नहीं छोड़ रहा और आप तनाव में तो 7 दिन हनुमान जी की विशेष पूजा करें। हनुमान अष्टक और हनुमान चालीसा प्रतिदिन 100 बार पढ़े। यह हनुमान जी का सिद्ध कवच जो निश्चित ही फायदेमंद होता है।
4ण् अगर भगवान को पूरी तरह खुश करना चाहते हैं तो अपनी ऊंचाई के अनुसार नाल को गांठ बांधकर नारियल पर लपेटकर उस पर केसर या सिंदूर से स्वातिक बनाकर हनुमान चालीसा पढ़कर हनुमान जी को चढाएं।
5ण् अपने मुंह को दक्षिण की ओर कर सात दिन तक रोजाना पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर 180 बार हनुमान चालीसा पढ़े जिससे आपके धन के द्वार खुल जांएगे।
6ण् अगर आपको ग्रहों की समस्या सता रही हैं तो काला चना और गुड़ लेकर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी के मंदिर में प्रसाद बांटे और हनुमान चालीसा का जाप करें।

सुन्दरकाण्ड के पाठ से बहुत सारे लाभ होते है उनमे से कुछ हम यहाँ बता रहे है . १द्ध इसका पाठ करने से विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलता हैए ये आत्मविश्वासमें बढोतरी करता है और परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मददगार होता हैए बुद्धि कुशाग्र होती हैए अगर बहुत छोटे बच्चे है तो उनके माता या पिता उनकेलिए इसका पाठ करेण्
२द्ध इसका पाठ मन को शांति और सुकून देता है मानसिक परेशानियों और व्याधियो से ये छुटकारा दिलवाने में कारगर हैए
३द्ध जिन लोगो को गृह कलेश की समस्या है इस पाठ से उनको विशेष फल मिलते हैए
४द्ध अगर घर का मुखिया इसका पाठ घर में रोज करता है तो घर का वातावरण अच्छा रहता हैए
५द्ध घर में या अपने आप में कोई भी नकारात्मक शक्ति को दूर करने का ये अचूक उपाय हैए
६द्ध अगर आप सुनसान जगह पर रहते है और किसी अनहोनी का डर लगा रहता हो तो उसस्थान या घर पर इसका रोज पाठ करने से हर प्रकार की बाधा से मुक्ति मिलती हैऔर आत्मबल बढ़ता हैण्
७द्ध जिनको बुरे सपने आते हो रात को अनावश्यक डर लगता हो इसके पाठ निश्चित से आराम मिलेगाण्
८द्ध जो लोग क़र्ज़ से परेशान है उनको ये पाठ शांति भी देता है और क़र्ज़ मुक्ति में सहायक भी होता हैए
९द्ध जिस घर में बच्चे माँ पिता जी के संस्कार को भूल चुके होए गलत संगत मेंलग गए हो और माँ पिता जी का अनादर करते हो वहा भी ये पाठ निश्चित लाभकारीहोता हैण्
१०द्ध किसी भी प्रकार का मानसिक या शारीरिक रोग भले क्यों न हो इसका पाठ लाभकारी होता हैण्
११द्ध भूत प्रेत की व्याधि भी इस पाठ को करने से स्वतः ही दूर हो जाती हैण्
१२द्ध नौकरी में प्रमोशन में भी ये पाठ विशेष फलदाई होता हैण्
१३द्ध घर का कोई भी सदस्य घर से बाहर हो आपको उसकी कोई जानकारी मिल पा रहीहो या न भी मिल पा रही हो तो भी आप अगर इसका पाठ करते है तो सम्बंधितव्यक्ति की निश्चित ही रक्षा होगीए और आपको चिंता से भी राहत मिलेगीण्

ऊॅं प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः

नीलाज्ं´नसमाभसं रविपुत्र यमाग्रजं ।
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामी शनेश्चरम् ।।

ऊॅं शन्नो देविरभिष्टय ेआपो भवन्तु पीतये शय्ंयोरभिò वन्तुनः

ऊॅं भगभवाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात

उपरोक्त में से किसी एक मंत्र का जाप स्वयं सा विद्वान
पंडित द्वारा करवाना चाहिये ।

मकर राशि के शनि का व्यवसाय पर प्रभाव
शनिदेव कर्म के स्वामी हैए सभी प्रकार के सेवाकार्य इन्हीं के हाथ मे हैएयानी संसार मे कही भी रोजगार का सृजन होगा तो वह शनिदेव के कारण ही होगाए स्त्री को भगवान विष्णु की माया ही माना गया हैएजब यह माया अपना विस्तार करती है तो कर्मो का सृजन होता हैएजब कर्म होंगे तो शनिदेव कार्यरत होंगे हीएजिनकी पत्रिका मे शनिदेव शक्तिशाली होते है उनके उद्योगए कारखानेए मकान संपत्ति का विस्तार होता हैए भगवान विष्णु की माया ही शनिदेव द्वारा सभी कर्मो का विस्तार करती है।
मकर का शनि और व्यापार मे असर.शनिदेव सभी प्रकार के निर्माण कार्यो पर अपना प्रभाव रखते हैएसीमेंटएतेलएलोहाएखनिज आदि पर शनिदेव का खास प्रभाव रहता हैएजब भी शनिदेव अपना प्रभाव बढ़ाते है तो इनसे जुड़े सभी उद्योगो मे तेजी से कार्य होते है नवीन कारखानों का निर्माण होता हैए रोजगार का सृजन होता है।
ष्शनिदेव का अपनी राशि मकर मे आने से भवनए कारखाने तथा सभी प्रकार के निर्माण कार्यो मे तेजी देखने को मिलेगी।
ष्तेल उद्योग पर भी शनि का प्रभाव ही रहता हैए इसीलिए वाहन उद्योग तथा इससे जुड़े सभी कार्यो मे कार्य बढ़ाने के संकेत हैए एक तरह से कह सकते है वाहन उद्योग मे नवीन निर्माण का योग बनेगा।
ष्पिछले ढाई वर्ष मे शनिदेव धनु राशि मे थेए जो की अग्नितत्व की राशि हैएशनिदेव की दृष्टि बुध की दोनो राशियों मिथुन और कन्या मे थी जिस कारण बुध ग्रह से जुड़े सभी कार्य संचारएवित्तएशिक्षाएट्रांसपोर्ट के कार्यो मे रुकावट थीएजो अब दूर होगीए इन कार्यो मे तेजी आएगीएशनि महाराज कि दृष्टि मिथुन और कन्या से हटकर मीनए कर्क और तुला मे पड़ेगीए फलस्वरूप जलीय क्षेत्रों के कार्यो मे रुकावट के योग बनेगेए समुद्री कार्यो मे विभिन्न देशो मे अनबन का योग बनेगा।
ष्मकर राशी पृथ्वी तत्व राशी है शनिदेव के इस राशी मे बैठने से कल कारखानेए भवनवाहन तथा नवीन निर्माण का योग बनेगा।
ष्मकर राशी राज्य की राशी है यह राशी मंगल की उच्च राशी हैए मंगल महाराज सेनाएपुलिसए भूमि आदि के कारक हैए निश्चित रूप से सेनाए पुलिस आदि की सख्ती बढ़ेगीए कानून के पालन पर जोर दिया जाएगाए निर्माण उद्योग मे तेजी आएगी।
विशेष.पिछले ढाई वर्ष से शनिदेव बेंक व्यवस्था को और व्यापारी वर्ग को ठीक कर रहे थेए अब उनका ध्यान निर्माण की और जाएगाए जल के प्रदूषन पर सख्त कानून बनेगाए मकर राशी का शनि रोजगार की स्थिति को सुधारेगा।

शनि का परिवर्तन औऱ भिन्न राशियों पर प्रभाव
24 जनवरी को शनिदेव अपनी स्वराशि मकर मे प्रवेश करने वाले हैं शनिदेव का राशि परिवर्तन हमेशा से सभी क्षेत्र मे महान परिवर्तन लाता हैं विशेषकर कर्मक्षेत्र मे शनिदेव महान परिवर्तन लाते हैं शनिदेव न्याय औऱ कर्म क़े देवता हैं आकाशमंडल क़े दास होने क़े कारण सेवा औऱ नौकरी मे इनको विशेष अधिकार हैं सभी प्रकार की नौकरियों मे इनकी कृपया विशेष आवश्यक हैं, न्याय , चिकित्सा सफाई ,औऱ समाजसेवा क़े कार्य मे शनिदेव की विशेष भूमिका होती हैं।
शनिदेव का राशि परिवर्तन औऱ भिन्न राशियों मे प्रभाव.शनिदेव 26जनवरी को मकर राशि मे प्रवेश करने वाले हैं शनिदेव क़े मकर राशि मे जाते ही कई लोगो की साढ़ेसाती क़े काल मे परिवर्तन आएगाए कु़छ लोगो को साढ़ेसाती उतर जायगी कु़छ को चढ़ जायगीए किसी को मध्यकाल खत्म हो जायगा किसी का प्रारंभ हो जायगा किसी का ढैया अढैया खत्म तो किसी का प्रारंभ हो जायगाए आइए देखते हैं।
प्रथम ढैया.कुंभ राशि को पहला ढैया प्रारंभ होगा।
मध्यकाल.मकर राशि को साढ़ेसाती का मध्यकाल प्रारंभ होगा।
अंतिम ढैया.धनु राशि को साढ़ेसाती का आखरी ढैया रहेगा।
चौथा ढैया.तुला राशि को शनि का चौथा ढैया।
आठवां ढैया.मिथुन राशि को शनि का आठवां ढैया चलेगा।
ये राशियां शनि क़े प्रभाव मे.इस तरह से धनु,मकर,कुंभ, तुला औऱ मिथुन ये राशियाँ शनि क़े प्रभाव मे रहेगी।
ये राशियां मुक्त होगी.वृश्चिक
कन्या औऱ वृषभ और वृश्चिक राशि शनि क़े दुष्प्रभाव से मुक्त होंगी।
ये भी संभल कर रहे.जिनका जन्म 15 जनवरी से 15 फरवरी क़े बीच हुआ हैं,उन्हें भी भारी कष्टों का सामना करना पड़ेगा।
जिनकी मकर राशि हैं औऱ जिनका जन्म अमावस्या का हैं अर्थात सूर्य औऱ चंद्र दोनों मकर राशि मे हैं उनके लिए संघर्षपूर्ण समय रहेगा यदि ऐसे व्यक्ति को कोई अशुभ दशा चल रही तो भयंकर नुकसान औऱ बर्बादी का योग बनता हैं इस समय भगवान का पूजन अनुष्ठान औऱ विशेष सावधानी की अत्यंत आवश्यकता होती हैं।
जिनकी मकर राशि हो औऱ पूर्णिमा का जन्म हो यानी चंद्रमा मकर राशि का औऱ सूर्य कर्क राशि का हो ऐसे लोगो क़े लिए भी मकर का शनि कष्टकारी होगा।
जिनको शनि की दशा मे सूर्य या सूर्य की दशा मे शनि का अंतर चल रहा हो वे भी सावधानी से अपना समय गुजारे।
ये उपाय करें.शनि ग्रह की शांति कराए।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
हनुमानजी क़े मन्दिर मे दीपक लगाए
सुंदरकांड औऱ बजरंगबान का पाठ करें।
रामचरित्र मानस का पाठ करें।
रामरक्षा स्त्रोत का पाठ करें।

मेष
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से आपको कुछ नए अवसर मिलने के योग हैं। अवसरों का संपूर्ण लाभ उठाने के लिए आप सतर्क और जागरुक रहें। वायूयान में बैठने के अवसर सुलभ होंगे । कोई चोट या मोच से प्रभावित हो सकते हैं। आपको अपनी दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव करते हुए अपने और अपने साथियों के लिए थोड़ा समय निकालना होगा। पदौन्नति होगी ए जीवनसाथी से मतभेद उभरेंगे ए पैरो में कष्ट होने की संभावना ।

वृषभ
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से आपके लिए कुछ यात्राऐं बढ सकती है । योजना अनुसार काम होने लगेगा । िपछले कुछ समय से तनाव और चिंता आपको थी उसमें आराम होगा । कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थान परिर्वतन ए भग्योन्नति ए यात्रा ए आर्थिक लाभ।

मिथुन
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से आपको किसी बड़े परिवर्तन का संकेत मिल सकता है। आने वाले दिनों में नई चीजों की खोज की जा सकती है। अपने अधूरे कामों पर ध्यान लगाने की आवश्यकता है। किसी भी मामले में आप निर्णय लेने में इतना समय ना लगाएं कि आप उस अवसर को ही खो दें। त्वरित निर्णय लेने के लिए अपने ध्यान और मानसिक चंचलता पर ध्यान दें। यात्राओ के योग बनेंगे ए भाग्य की अनुकूलता कम रहेगी ।

कर्क
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से उतना ही काम या जिम्मेदारी लीजिये जिसको आप आसानी से पूरा कर सकें। अतिरिक्त जिम्मेदारियां लेने से बचें। किसी भी स्थिति में खुद को तनावग्रस्त ना होने दें। कुछ दोस्तों से मनमुटाव या रिश्तों में दुराव भी हो सकता है। परिस्थितियों को स्वीकार करके आगे बढ़ें। स्थितियां खुद धीरेण्धीरे सुधर जाएंगी। आपको ढाई साल के लिये शनि से निर्मित शश योग होगा जो कर्म क्षैत्र में सफलता दिलवायेगा।

सिंह
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से किस्मत बदलने के लिए तैयार हैं। नए और रोमांचक परिवर्तन के संकेत दिखाई दे रहे हैं। आपको कुछ अच्छी सूचना के साथ कोई नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। आप नई चीजों की खोज में काफी आक्रामक तरीके से जुटे रहेंगे। किसी भी मामले में आप पीछे नहीं रहेंगे। न्ययालयीन प्रकरण पक्ष में रहेंगे ।

कन्या
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से भौतिक आराम ए सुखएसुविधाए धनए संपत्ति और जीवन में अच्छी चीजों को पाने उम्मीद कर सकते हैं। यह ऊंचा उठने का समय है और अपनी योजनाओं को मूर्त रुप देने के प्रयास शुरू करें। सफलता और धन दोनों ही इस परिर्वतन से आपकी पंहुच में होंगे। लेकिनए किसी भी बात का अपने स्वभाव पर अहंकार ना आने दें। यह आपका नुकसान कर सकता है।लाभ सुलभ रहेगा ।

तुला
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से भाग्य का पहिया आपके आत्मविश्वास के स्तर को बढ़ा रहा है। आपके पास परम शांति से जुड़ने और पहुंचने का अवसर है। परिस्थितियां आपके विरुद्ध भी हो सकती हैं लेकिन आपको उससे हार नहीं माननी चाहिए। आलस्य पर विजय प्राप्त कर लेंगे तो विजय आपके कदम चूमेगी । आपका मकान बन सकता है ।

वृश्चिक
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से आज आपके लिए आराम के दिन का प्रारंभ होगा । अपने अनुभव को सहेजें और उसके आधार पर अपने भविष्य की योजनाओं को रुप दें। आपके लिए आत्ममंथन के दिन की शुरूवात हो सकती है। अपने अतीत और रिश्तों को लेकर गहराई के साथ चिंतन करें। आपको समाधान मिल जाएगा। जीवन के रचनात्मक पक्ष से जुड़ें। आपकी हिम्मत में आशानुकूल वृद्धि होगी कोई बड़ा समूह आपसे जुड़ सकता है ।

धनु
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से समस्याओ में कमी के दिन प्रारंभ होंगे । तनाव में कमी के दिनो की शुरूवात होगी । आपको अपने कार्यों की प्राथमिकता तय करके उसके अनुसार उनके निष्पादन की योजना बनानी चाहिए। कुछ लोगों के साथ आपका मनमुटाव या अबोला हो सकता है। अपने लोगों के साथ बातचीत करें। धन वृद्धि होगी ।

मकर
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से आपके मनए शरीर और आत्मा को फिर से जीवंत करने का समय है। अपनी दिनचर्या से थोड़ा ब्रेक लें और बाहर जाएं। आपकी ख्याति आज आपके काम आएगी। अपनी गरिमा को कायम रख पाएंगे। किसी भी तरह के विवाद से दूर रहने की सलाह आपको मानना चाहिये । अपने शब्दों के चयन पर ध्यान दें। सम्मान मिलेगा आपकी ख्याति चारों और फैलेगी।

कुंभ
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से जब आप एक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं तो सकारात्मक परिस्थितिया आपके सामने स्वतः ही आ जाएंगी। नियति उसकी कार्रवाई तय करेगी। आप अपने प्रयासों में कोई ढील ना दें। कुछ नए अवसर आपके समक्ष आ सकते हैं। अपने आप को किसी अप्रत्याशित बदलाव के लिए तैयार रखें। यात्राऐं बढ सकती है जो आपके लिये अत्यंत लाभकारी रहेगी ।

मीन
दंडनायक शनि महाराज के परिर्वतन से दमन तब होता है जब व्यक्ति जिम्मेदारियों और परेशानियों से घिर जाता है। जैसा कि कहते हैंए हर चीज की अति बुरी है। आप अपने अतिआत्मविश्वास और अतिउत्साह पर नियंत्रण रखें। कुछ काम आपकी जल्दबाजी से बिगड़ सकते हैं। इसके लिए आपको योजनाबद्ध तरीके से कामों को निपटाने की आवश्यकता है। लाभ के प्रचुर अवसर मिलेंगे।

ज्योर्तिविद कालज्ञ पं. संजय शर्मा
9893129882 , 9424828545 (Paytm , PhonePe)
ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्ष , रत्न विशेषज्ञ , प्रेरक (मोटीवेटर) ,
कलर थेरेपिस्ट एवं औरा रीडर

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